पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध हास्यकवि सुरेन्द्र शर्मा (Surender Sharma ) ने The Lallantop को इंटरव्यू देते हुए कहा, '' नास्तिक लोग ईश्वर के ज्यादा नजदीक हैं. लहू जितना भी बहा है, धर्म को मानने वालो ने बहाया है. नास्तिक आदमी ने एक बूंद लहू भी नहीं बहाया.
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| सुरेंद्र शर्मा |
इस बार ये अपने हास्य रचनाओं को लेकर नहीं बल्कि अपने एक बयान के कारण चर्चा में है. हाल में ही India Today ग्रुप के डिजिटल चैनल The Lallantop को इंटरव्यू दिया. इस इंटरव्यू में उन्होंने देश, राजनीति, हेल्थ, धर्म, समाज, जाति व्यवस्था, मीडिया आदि सभी मुद्दों पे खुलकर बात किया |
सुरेंद्र शर्मा ने राम मंदिर के निर्माण को लेकर भी व्यंग किया | उन्होंने कहा, " देश में मंदिर बनाना कोई प्रोजेक्ट थोड़ी है, देश को मंदिर बनाना बड़ी प्रोजेक्ट है.'
सुरेंद्र शर्मा धर्म की बात पर जवाब देते हुए कहते है, " नास्तिक लोग इश्वर के ज्यादा नजदीक हैं. लहू जितना भी बहा है, धर्म को मानने वालो ने बहाया है. नास्तिक आदमी ने एक बूंद लहू भी नहीं बहाया. क्योकि ईश्वर ने हमें धर्म से तो पैदा किया नहीं, मनुष्य बनाया."लहू जितना भी बहा है धर्म को मानने वालों ने बहाया है - कवि सुरेंद्र शर्मा
— अश्विनी सोनी اشونی سونی (@Ramraajya) November 20, 2024
अंधभक्त अब इन्हें गालियाँ देंगे। pic.twitter.com/9aPxGLHOPz
उन्होंने जाति और वर्ण व्यवथा पर भी खुल कर बात की | उन्हीने कहा कि ब्राहमण, क्षत्रिय, वैश्य और शुद्र, ये विचारधारा है. हम भारतीय है, यह विचार है.
कौन हैं सुरेन्द्र शर्मा ?
सुरेंद्र शर्मा, भारत के प्रसिद्ध कवि, लेखक और हास्यकार हैं. अपनी विशिष्ट शैली और हरियाणवी बोली में "चार लैना सुना रहा हूं" जैसी प्रस्तुतियों के लिए वे खास पहचान रखते हैं. उनकी रचनाओं में अक्सर उनके और उनकी पत्नी के बीच के हास्यपूर्ण संवादों की झलक मिलती है, जो श्रोताओं को खूब लुभाते हैं.
साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया. अक्टूबर 2018 में, उन्हें दिल्ली सरकार की हिंदी अकादमी का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया, जहां उन्होंने दिवंगत विष्णु खरे का स्थान लिया. इससे पहले, वे हरियाणा सरकार के तहत हरियाणा साहित्य अकादमी में उपाध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इसके अतिरिक्त, सुरेंद्र शर्मा केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के सदस्य भी हैं.

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