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Bhojpuri Poetry : दीया उम्मीद के बुतल नइखे - नुरैन अंसारी


भोजपुरी ग़ज़ल : भोजपुरी में बहुत कुछ बा. भोजपुरी में खाली ऊहे नइखे, जो You Tube  प ट्रेंड होता. उ सब से बहुत अलग ई भाषा के आपन एक अलगे खूबसूरती बा. भोजपुरी के बनिहा से समझे बुझे चाहत हनी, त भोजपुरी के facebook पेज 'आखर - एगो डेग भोजपुरी भाषा खातिर' के फॉलो करी । 
भोजपुरी के एगो सुंदर ग़ज़ल, जेके नुरैन अंसारी जी लिखले बारन, पढ़ी और बताई कैसन लागल ? 
Bhojpuri Poem

दीया उम्मीद के बुतल नइखे 


दीया उम्मीद के बुतल नइखे.
हार से हिम्मत टूटल नइखे.

भले बानी परदेश में बाकिर,
रिश्ता गाँव से छूटल नइखें.

हँस ली भले रवुआ केतनो,
दरद जिया के छूपल नइखे.

जे अपना नज़री से गिरल,
उ लोग दुबारा उठल नइखे.

जहाँ भाई भाई में सनमत बा,
घर उ जल्दी फूटल नइखे.

समय समय के बात ह बस,
क़िस्मत केहु से रुठल नइखे.

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