क्या है कांग्रेस का आरोप?
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए इस शिकायत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा,
"प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने महाराष्ट्र और झारखंड में विभाजनकारी, झूठे और दुर्भावनापूर्ण भाषण दिए हैं। भाजपा और उसके नेताओं द्वारा किए गए चुनावी उल्लंघनों की जांच की जानी चाहिए। हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इन शिकायतों पर आवश्यक तत्परता से कार्रवाई करेगा।"Our complaints to the Election Commission against the Prime Minister and the Union Home Minister for their divisive, false, and malicious speeches given in Maharashtra and Jharkhand. We have asked @ECISVEEP to investigate BJP and its leaders for their brazen electoral violations.… pic.twitter.com/AQZzinz74F
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) November 14, 2024
कांग्रेस की चिट्ठी में विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 8 नवंबर को नासिक में दिए गए भाषण का उल्लेख किया गया है। पार्टी का कहना है कि इस भाषण में पीएम मोदी ने कांग्रेस और उसके पूर्व नेताओं जैसे जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी पर झूठे और अपमानजनक आरोप लगाए। कांग्रेस ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री ने यह आरोप लगाया कि कांग्रेस एससी, एसटी और ओबीसी के खिलाफ रही है।
चुनाव आयोग से की गई मांग
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से आग्रह किया है कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री द्वारा किए गए "चुनावी आचार संहिता के उल्लंघनों" की जांच की जाए। कांग्रेस का कहना है कि इन बयानों का उद्देश्य धार्मिक और जातीय दुश्मनी फैलाना था, जो कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए घातक है।
कांग्रेस की रणनीति
यह शिकायत ऐसे समय में दर्ज कराई गई है जब देश में कई राज्यों में चुनावी माहौल गर्म है। कांग्रेस, भाजपा पर लगातार निशाना साध रही है और इस मुद्दे को जनता के बीच उठाने की तैयारी में है। पार्टी ने चुनाव आयोग से इस मामले में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद जताई है।
भाजपा की प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस के इन आरोपों पर भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि भाजपा इस मामले पर क्या रुख अपनाती है और इन आरोपों का कैसे जवाब देती है।

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