Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में बुधवार रात हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। अस्पताल के नवजात शिशु वार्ड (Neonatal Intensive Care Unit) में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने से 10 नवजात बच्चों की मौत हो गई, जबकि 17 बच्चे घायल हो गए। हादसे के दौरान कुल 54 बच्चे वार्ड में भर्ती थे। राहत और बचाव कार्य में 37 बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
आग बुधवार रात लगभग 10:45 बजे लगी, जिससे अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। मरीज और उनके परिजन बचने के लिए भागने लगे, जिससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं और आग पर काबू पाया गया। जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी तत्काल मौके पर राहत कार्यों का निरीक्षण करने पहुंचे।
झांसी के डीएम अविनाश कुमार ने बताया कि आग लगने का संभावित कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है, हालांकि विस्तृत जांच के बाद ही पूरी जानकारी सामने आएगी।
उपमुख्यमंत्री और सीएम ने दिए जांच के निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक और स्वास्थ्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अस्पताल का दौरा किया। पाठक ने कहा, “फरवरी में अस्पताल का फायर सेफ्टी ऑडिट और जून में मॉक ड्रिल हुई थी। इसके बावजूद यह घटना कैसे हुई, इसकी जांच तीन स्तरों पर की जाएगी। हेल्थ डिपार्टमेंट, पुलिस और फायर ब्रिगेड के अलावा मैजिस्ट्रेट स्तर पर भी जांच होगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
#WATCH | Jhansi Medical College Fire tragedy | UP Deputy CM Brajesh Pathak says, " In February, the fire safety audit was done. In June, a mock drill was also done. How this incident happened and why it happened, we can only say something about it once the probe report comes...7… pic.twitter.com/KTQe1Y5Sc3
— ANI (@ANI) November 16, 2024
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांसी के डिवीजनल कमिश्नर और डीआईजी को 12 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के साथ खड़े होने और राहत कार्यों में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
जनपद झांसी स्थित मेडिकल कॉलेज के NICU में घटित एक दुर्घटना में हुई बच्चों की मृत्यु अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) November 15, 2024
जिला प्रशासन तथा संबंधित अधिकारियों को युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों को संचालित कराने के निर्देश दिए हैं।
प्रभु श्री राम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं…
प्रधानमंत्री ने जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक है। पीएमओ की ओर से जारी बयान के अनुसार, राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटे हैं।
हृदयविदारक! उत्तर प्रदेश में झांसी के मेडिकल कॉलेज में आग लगने से हुआ हादसा मन को व्यथित करने वाला है। इसमें जिन्होंने अपने मासूम बच्चों को खो दिया है, उनके प्रति मेरी गहरी शोक-संवेदनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे। राज्य सरकार की…
— PMO India (@PMOIndia) November 16, 2024
स्थिति की ताजा जानकारी
- 17 घायल बच्चे अस्पताल में भर्ती हैं।
- 4 बच्चों को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
- 5 अन्य बच्चों को विशेष इलाज के लिए अन्य स्थानों पर भेजा गया है।
- मृतकों में से 7 बच्चों की पहचान हो चुकी है, बाकी के परिजनों से संपर्क किया जा रहा है।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, बुंदेलखंड क्षेत्र का सबसे बड़ा सरकारी अस्पताल है। यह 1968 से सेवाएं दे रहा है और आसपास के जिलों के मरीजों के लिए जीवनरेखा माना जाता है।
जिम्मेदारों पर गिरेगी गाज?
घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। फायर सेफ्टी ऑडिट और मॉक ड्रिल के बावजूद ऐसी त्रासदी कैसे हुई? क्या सुरक्षा उपायों में लापरवाही थी? जांच के बाद ही दोषियों की पहचान और कार्रवाई की जाएगी।
यह हृदयविदारक घटना अस्पताल प्रशासन और राज्य सरकार के लिए चेतावनी है कि स्वास्थ्य सुविधाओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो। पीड़ित परिवारों की इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर दिया है।
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