इस वर्ष 2024 के लिए फिजिक्स में नोबेल कृत्रिम तंत्रिका नेटवर्क के साथ मशीन लर्निंग को
सक्षम करने वाली आधारभूत खोजों और आविष्कारों (foundational discoveries and inventions that enable machine learning with artificial neural networks) के लिए जॉन जे. हॉपफील्ड और ज्योफ्री हिंटन, को दिया गया है | यह वही टेक्निक हैं जिस पर AI (Artificial Intelligence) पर आधारित ChatGPT काम करती हैं | इस क्रांतिकारी टेक्नोलॉजी की शुरआत आज से 70 वर्ष पहले 1950 के दशक में ही शुरू हो गया था |
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एक ऐसा क्षेत्र है जिसने विज्ञान और तकनीक की दुनिया में क्रांति ला दी है। इसका सफर काफी दिलचस्प रहा है, जिसमें कई वैज्ञानिक, इंजीनियर, और शोधकर्ता जुड़े रहे हैं। चलिए जानते हैं AI के विकास की एक रोमांचक कहानी, जिसे पढ़कर आपको इसकी थोड़ी समझ भी होगी |
1. AI की शुरुआत (1950 के दशक)
AI की शुरुआत 1950 के दशक में हुई, जब कंप्यूटर के क्षेत्र में बड़ी तरक्की हो रही थी। इस समय, एलन ट्यूरिंग जैसे वैज्ञानिकों ने यह सवाल उठाया: “क्या मशीनें सोच सकती हैं?” ट्यूरिंग ने एक परीक्षण विकसित किया, जिसे
ट्यूरिंग टेस्ट कहा जाता है, यह जांचने के लिए कि क्या एक मशीन इंसान की तरह व्यवहार कर सकती है।
2. AI के शुरुआती साल (1956)
1956 में, AI को आधिकारिक तौर पर एक क्षेत्र के रूप में पहचाना गया, जब डार्टमाउथ सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में AI का नामकरण किया गया और इसे मानव बुद्धिमत्ता की नकल करने वाली तकनीक के रूप में प्रस्तुत
किया गया। इसके बाद से, शोधकर्ताओं ने कंप्यूटर को इंसान की तरह सोचने और निर्णय लेने की कोशिशें शुरू कर दीं।3. AI में प्रगति (1970-1980 के दशक)
1970 के दशक से लेकर 1980 के दशक तक, AI में काफी तरक्की हुई। इस दौरान, शोधकर्ताओं ने न्यूरल नेटवर्क (neural networks) और मशीन लर्निंग (machine learning) की अवधारणाओं पर काम करना शुरू किया। 1980 के दशक में, ज्योफ्री हिंटन और उनके सहयोगियों ने AI को एक नई दिशा दी, जिसमें कंप्यूटर को 'सीखने' की क्षमता मिली।
4. आधुनिक AI का दौर (1990 के बाद)
1990 के बाद, कंप्यूटर की क्षमता बढ़ी और AI के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ। AI ने कई क्षेत्रों में प्रवेश किया, जैसे कि चिकित्सा, व्यापार, और मनोरंजन। 2012 में, डीप लर्निंग (deep learning) की तकनीक ने AI को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया। इससे मशीनें बड़ी मात्रा में डेटा से खुद सीखने लगीं।
5. AI का भविष्य
आज, AI हमारे जीवन का हिस्सा बन चुका है। स्वयं-चालित कारों (self-driving cars) से लेकर वर्चुअल असिस्टेंट्स (virtual assistants) तक, AI हर जगह मौजूद है। AI का भविष्य और भी उज्ज्वल है, क्योंकि यह तेजी से विकसित हो रहा है और रोज़ नई खोजें हो रही हैं।

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